पहाड़ी संगीत को सहेजता और संवारता लमन बैंड

Date: 06 May 2017

हिमाचल प्रदेश का सांस्कृतिक इतिहास बहुत पुराना है. यहाँ गीत संगीत और नाट्य इत्यादि की अपनी शैली है. हालाँकि यहां के गीत संगीत में बहुत विविधिता भी है. लेकिन इन्हे 'पहाड़ी' या 'हिमाचली' नाम से एकरूपित किया जा सकता है.

जहाँ तक बात है गीत संगीत की तो हिमाचल प्रदेश पारम्परिक गीतों की बहुत ही अदभुत और खूबसूरत संग्रह है. कुंजू चंचलो, लाल चिड़िये, चम्बा आर नदिया पार जैसे गीत हमारे सांस्कृतिक इतिहास के प्रतीक हैं. लेकिन आज के इस ग्लोबलेसशन के दौर में पहाड़ी गीतों का प्रचलन कुछ कम होता जा रहा है और हम अपने संगीत को प्रदेश से बाहर पहुँचाने में भी सफल नहीं हो सके है.

हिमाचल में बहुत गायक तथा संगीतकार है जो पहाड़ी संगीत में काम कर रहे हैं. इन सबके बीच कुछ लोग पहाड़ी संगीत में एक नयी शैली लेकर आये हैं जिसे 'फोक फ्यूज़न' के नाम से जाना जाता है. इन्ही के बीच एक नाम है 'लमन'.



भोले बाबा शिव कैलाशों के वासी से पहाड़ी संगीत में अपना सफर शुरू करने वाले लमन ने एक के बाद एक तीन सुपरहिट पहाड़ी गीत बनाये. हालाँकि इससे पहले लमन ने 'सायें सायें मत कर राविये' जैसे कुछ अनप्लग्ड गीत भी गाये थे लेकिन भोले बाबा लमन का पहला म्यूजिक वीडियो था जिसे यूट्यूब पर रिलीज़ किया गया था. शिव कैलाशों के वासी एक पारम्परिक पहाड़ी गीत है जिसे लमन ने एक अलग अंदाज में गाया. यह गीत बहुत ही जल्द पुरे प्रदेश में हिट हो गया. इस गाने की वीडियो को यूट्यूब पे 8 लाख से अधिक बार देखा जा चूका है. भगवन शिव को समर्पित इस गाने की खास बात यह है की इसे हिमाचलियों के अलावा हिमाचल के बहार भी बहुत पसंद किया गया. हिमाचल में घूमते कई सैलानी इस गाने को गुनगुनाते मिल जायेंगे. यहाँ वीडियो में आप इस गाने का एक बार फिर मज़ा ले सकते हैं.



भोले बाबा के बाद ने लमन ने एक और पारम्परिक गीत काली घघरी को गाया और फिल्माया. इस गीत में एक प्रेमिका अपने प्रेमी को काली घघरी लाने के लिए कहती है,. इस गाने में संगीत के साथ साथ वीडियोग्राफी भी बहुत ज़बरदस्त है. जिसमे कहानी को बूबखूबी से दिखाया गया है. यूट्यूब में इस गीत पे 6 लाक करीब हिट हो चुके है.



4 लाख से अधिक बार देखा जा चुका लमन का तीसरा गाना 'पिया न जा' गाना भारतीय फ़ौज में काम कर रहे उन लोगों को समर्पित है जो अपने घर परिवार से दूर रह कर देश की सेवा करते हैं और अपनी जान न्योछावर कर देते हैं. काली घघरी की तरह ही इस गाने की वीडियो को भी बहुत ही खूबसूरती से फिल्माया गया हैं.



बहुत ही सुरीली आवाज़ के धनी अभिषेक बिष्ट जोकि लमन के मुख्य गायक हैं, मंडी के सुंदरनगर के रहने वाले हैं तथा शिमला निवासी शिशिर चौहान लमन का संगीत देते हैं और कोरस में भी आवाज़ देते हैं. यूट्यूब के अलावा लमन के गीतों को प्रदेश भर में स्टेज शो में भी खूब सराहा जाता हैं.

लमन बैंड अभी दो और गीत लेकर आ रहा हैं, जिसमे एक हिंदी और एक पहाड़ी गीत होगा. हमारी और से लमन और पहाड़ी संगीत को ढेरों शुभकामनायें.

लमन से फेसबुक में जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

जाते जाते सुनिए लमन द्वारा गाया हुआ चम्ब्याली गीत 'सायें सायें' मत कर राविये.



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Hemant kumar

Pita na ja..... One of best song of me thanks to u to create a unique melody sir

sushil Kumar

Sushil Kumar village Hillour 7591064484

Sonu negi

Jai bhole

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